बैंक लॉकर की चाबी गुम हो गई, जान लीजिए आपको क्या करना होगा
Updated on
21-01-2026 12:19 PM
नई दिल्ली: अब बैंकों में लॉकर (Bank Locker) की सुविधा लेना कोई बड़ी बात नहीं है। काफी लोग इस सुविधा का लाभ उठा रहे हैं। कभी-कभी देखा गया है कि किसी ग्राहक की बैंक लॉकर की चाबी गुम (Bank Locker Key Lost) हो गई है। ऐसे में आपको पता है कि लॉकर की डुप्लीकेट चाबी कैसे मिलेगी? इसके लिए कुछ राशि भी जमा करनी होगी?
बैंक का नियम क्या कहता है
बैंक लॉकर की चाबी खो जाने से आपके जरूरी कागज़ात, गहने या कीमती सामानों की सुरक्षा पर कोई सवाल नहीं उठता। पर ऐसा होना परेशानी का सबब जरूर बन सकता है। क्योंकि आप वक्त पड़ने पर उसे निकाल नहीं पाएंगे। वैसे आपको जान लेना चाहिए कि आपके बैंक के पास आपके लॉकर की डुप्लीकेट चाबियां नहीं होती हैं। लेकिन चाबी खो जाने पर लॉकर कैसे खोले जाते हैं, इसका तरीका जानना होगा जो कि RBI के नियमों के तहत आता है।
क्या है तरीका
बैंक के अधिकारी बताते हैं कि बैंक के किसी एक लॉकर के लिए 2 अलग-अलग चाबियां होती हैं। मास्टर चाबी बैंक के पास रहती है जबकि दूसरी चाबी ग्राहक को सौंप दी जाती है। दोनों चाबियां अलग-अलग होती हैं। मतलब कि उसकी कोई डुप्लीकेट नहीं होती। लॉकर खोलने के लिए आपको हमेशा दोनों चाबियों की ज़रूरत पड़ती है। यदि आपने अपनी चाबी खो दी है तो उसके लिए बैंक से तत्काल संपर्क करना होगा। बैंक आपसे जरूरी डॉक्यूमेंट्स पर हस्ताक्षर करवाएगा। उसके बाद दूसरी चाबी मंगाने की प्रक्रिया शुरू होगी।
कहां से आती है दूसरी चाबी
एक सरकारी बैंक के मैनेजर ने नाम जाहिर नहीं करने की शर्त पर बताया कि आमतौर पर बैंकों के लॉकर गोदरेज के बने होते हैं। कुछ अन्य कंपनियां भी इसे बनाती हैं। जिस ग्राहक की चाभी खो जाती है, उसके लॉकर का नंबर और मॉडल की जानकारी लॉकर बनाने वाली कंपनी को भेजा जाता है। कंपनी का इंजीनियर या टेक्निशियन बैंक की शाखा आकर विजिट करता है। यदि उस लॉकर की दूसरी चाभी उसके पास उपलब्ध है या उसे बनाया जा सकता है तो ऐसा किया जाता है। यदि ऐसा नहीं हो सकता है तो फिर पूरा का पूरा लॉकर का दराज ही बदला जाता है। लॉकर तोड़ने के लिए ग्राहक से लिखित में अनुमति ली जाती है। प्रक्रिया में पूरा खर्च ग्राहक को उठाना होता है। यह खर्च हजारों रुपये में आता है।
आपकी चाबी खो जाए तो क्या करें
जैसे ही आपको पता चले कि आपके लॉकर की चाबी खो गई है, तो तुरंत अपने बैंक को लिखित में सूचित करें। आपको एक अंडरटेकिंग भी देने को कहा जा सकता है। बैंक आपसे खोई हुई चाबी के लिए FIR दर्ज कराने के लिए भी कह सकता है और उसे अपनी आंतरिक प्रक्रिया के हिस्से के रूप में जमा करने के लिए कह सकता है। इसके बाद आगे की कार्रवाई शुरू होगी। आप यह जान लीजिए कि इसमें कम से कम 15 दिन तो लग ही जाएंगे। इससे ज्यादा भी समय लग सकता है।
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