'इस्लामाबाद ना बांटे सर्टिफिकेट', PoK प्रदर्शनकारियों को आतंकी कहने पर बिलावल खफा, मध्यस्थता का ऑफर
Updated on
17-07-2026 01:01 PM
इस्लामाबाद: पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (PPP) के चेयरमैन बिलावल भुट्टो जरदारी ने पीओके में प्रदर्शनकारियों को उनकी कश्मीरी पहचान के आधार पर निशाना बनाए जाने का बचाव किया है। पाकिस्तान के पूर्व विदेश मंत्री भुट्टो ने जोर देकर कहा कि इस्लामाबाद में बैठे किसी व्यक्ति को कश्मीरियों पर टिप्पणी से बचना चाहिए। खासतौर से जम्मू-कश्मीर जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी (JAAC) के लोगों को आतंकी कहे जाने पर उन्होंने एतराज जताया है। पीओके में प्रदर्शनों की अगुवाई कर रहे इस संगठन को पाकिस्तान सरकार ने बैन कर दिया है। बिलावल ने पीओके में शांति के लिए मध्यस्थता का भी ऑफर दिया है।
पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में चल रहे विरोध प्रदर्शनों और हिंसा को लेकर चिट्ठी में भुट्टो ने तर्क दिया कि इस संकट का समाधान जबरदस्ती या एक-दूसरे पर आरोप लगाने से नहीं हो सकता है। उन्होंने हिंसा की जांच करने और टकराव की जड़ में मौजूद राजनीतिक और कानूनी मुद्दों की समीक्षा करने के लिए सभी पक्षों की सहमति से एक कमीशन बनाने का प्रस्ताव रखा है।
पहचान पर सवाल गलत: भुट्टो
बिलावल भुट्टो ने पत्र में कहा कि कश्मीरियों की पहचान और सम्मान बिना शर्त हैं। उन्होंने रावलकोट के निवासियों की पहचान पर सवाल उठाने वाले बयानों का कड़ा विरोध किया। बिलावल ने कहा कि इस्लामाबाद में किसी भी अधिकारी को यह तय करने का अधिकार नहीं है कि कौन कश्मीरी है।
भुट्टो ने यह भी कहा कि पाकिस्तानी राज्य और कश्मीर के लोगों के बीच संबंधों को बुनियादी तौर पर नए सिरे से तय करने की जरूरत है। यह रिश्ता जबरदस्ती, भड़काऊ बयानबाजी या बल प्रयोग के बजाय सहमति, लोकतांत्रिक अधिकारों और आपसी सम्मान पर आधारित होना चाहिए।c
'बातचीत से निकालें रास्ता'
बिलावल भुट्टो ने तनाव कम करने के लिए दोनों पक्षों के बीच विश्वास बहाली की व्यवस्था का खाका पेश किया है। उन्होंने JKJAAC से अपने प्रस्तावित लॉन्ग मार्च और धरने को कुछ समय के लिए टालने की अपील की है। साथ ही उन्होंने पाकिस्तानी अधिकारियों से आग्रह किया कि जब तक प्रस्तावित आयोग अपना काम पूरा ना कर ले, तब तक वे कोई कार्रवाई ना करें।
भुट्टो ने कहा कि मौजूदा गतिरोध को टकराव से खत्म नहीं किया जा सकता। बातचीत ही चीजों को बेहतर करने का एकमात्र व्यावहारिक रास्ता है। भुट्टो ने कहा कि संयम बरतने की उनकी अपील का मतलब यह नहीं है कि प्रदर्शनकारी अपनी मांगें छोड़ दें। यह जानमाल के नुकसान को रोकने और राजनीतिक समाधान के लिए गुंजाइश बनाने की व्यावहारिक कोशिश है।
PPP की मध्यस्थता की पेशकश
अपने पत्र के आखिर में भुट्टो ने इस संकट में मध्यस्थ के तौर पर पाकिस्तान पीपल्स पार्टी को मध्यस्थ के तौर पर पेश किया। उन्होंने कहा कि अगर सभी पक्ष प्रस्तावित ढांचे पर सहमत हों तो उनकी पार्टी पीपीपी के लोग पाकिस्तान सरकार, पीओके और JAAC के बीच बातचीत कराने में मदद करने के लिए तैयार हैं।
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