Select Date:

जब पहचान छिपाकर दिल्ली में रहने को मजबूर हुईं शेख हसीना

Updated on 04-09-2022 06:31 PM

बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना 5 सितंबर यानि सोमवार को भारत के चार दिन के दौरे पर आने वाली हैं। इससे पहले उन्होंने न्यूज एजेंसी एएनआई को इंटरव्यू दिया है। इसमें उन्होंने उन दिनों के बारे में भी बताया जब वह दिल्ली में गुप्त तरीके से रहा करती थीं। हसीना ने बताया कि वह दिल्ली के पॉश पंडारा रोड के पास गुप्त निवासी के तौर पर अपने बच्चों के साथ रहीं। इस दौरान उन्होंने अपनी पहचान भी छिपाकर रखी थी। उनके पिता शेख मुजीबुर रहमान के हत्यारों की नजर में आने से बचने के लिए उन्हें ऐसा करना पड़ा।

1975 की घटनाओं को याद करते हुए पीएम हसीना की आंखें नम हो गईं। उन्होंने बताया कि वह जर्मनी में अपने परमाणु वैज्ञानिक पति से मिलने के लिए बांग्लादेश से रवाना हो रही थीं। 30 जुलाई, 1975 का यह दिन था और परिवार के सदस्य हसीना और उनकी बहन को विदा करने के लिए हवाई अड्डे पर आए थे। यह एक सुखद विदाई थी। हसीना को इस बात का अंदाजा बिल्कुल भी नहीं था कि यह उनके माता-पिता के साथ उनकी आखिरी मुलाकात होगी।

'नहीं पता था कि यह आखिरी मुलाकात होगी'
बांग्लादेश के इतिहास के सबसे काले अध्यायों में से एक को हसीना ने याद करते हुए कहा, 'मेरे पति विदेश में थे, इसलिए मैं एक ही घर में माता-पिता के साथ रहती थी। उस दिन घर पर सब लोग थे। मेरे पिता, मां, मेरे तीन भाई, दो नवविवाहित भाभियां भी थीं। इसलिए सभी भाई-बहन और उनके पति भी हमें विदा करने के लिए हवाई अड्डे पर आए। वह आखिरी दिन था जब मैं अपने पिता और मां से मिली। मुझे नहीं पता था कि अब हम दोबारा नहीं मिलेंगे।'

'पिता की हत्या की खबर पर विश्वास नहीं हुआ'
बहते आंसुओं के बीच शेख हसीना ने कहा, 'एक पखवाड़े बाद 15 अगस्त की सुबह मुझे जो खबर मिली, उस पर विश्वास करना मुश्किल था। मेरे पिता शेख मुजीबुर रहमान की हत्या कर दी गई थी। इतना ही नहीं, कुछ घंटों बाद पता चला कि मेरे परिवार के दूसरे लोग भी मारे गए हैं। यह वास्तव में अविश्वसनीय था। कोई भी बंगाली ऐसा कैसे कर सकता है। हम नहीं जानते कि क्या हुआ, हकीकत क्या है। केवल एक तख्तापलट हुआ और फिर हमने सुना कि मेरे पिता की हत्या कर दी गई।'

'भारत ने मदद के लिए बढ़ाया हाथ'
बांग्लादेश की प्रधानमंत्री ने कहा, 'भारत मदद देने वाले पहले देशों में से एक था। श्रीमती इंदिरा गांधी ने तुरंत सूचना भेजी कि वह हमें सुरक्षा और आश्रय देना चाहती हैं। हमने दिल्ली वापस आने का फैसला किया। उस समय हमारे दिमाग में था कि अगर हम दिल्ली जाते हैं, तो वहां से हम अपने देश वापस जा सकेंगे। साथ ही हम यह भी जान पाएंगे कि परिवार के कितने सदस्य अभी भी जीवित हैं। वाकई में यह बहुत मुश्किल समय था।'


अन्य महत्वपुर्ण खबरें

 20 June 2026
काबुल: अफगानिस्तान की सत्ता पर काबिज तालिबान ने पाकिस्तान के खिलाफ बड़ी सैन्य योजना बनाई है। तालिबान नेता मुल्ला हिबतुल्लाह अखुंदजादा ने पाकिस्तान के साथ लगने वाली सीमा की सुरक्षा…
 20 June 2026
इस्लामाबाद/ढाका: पाकिस्तान की नौसेना ने संकेत दिए हैं वो 1971 की जंग के बाद पहली बार बंगाल की खाड़ी में अपनी पनडुब्बी भेज सकता है। ये सीधे तौर पर भारत…
 20 June 2026
इस्लामाबाद: सिंधु जल संधि पर भारत की रोक से तड़प रहे पाकिस्तान ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) के सामने गुहार लगाई है। पाकिस्तान के उप-प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री इशार…
 20 June 2026
वॉशिंगटन: ईरान डील को लेकर अमेरिका और इजरायल के बीच तनाव अब दोनों देशों के नेताओं की बयानबाजी में भी दिखाई देने लगा है। अब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने…
 19 June 2026
वॉशिंगटन: पाकिस्तानी विदेश मंत्री ने भारत के सिंधु बेसिन की नदियों पर शुरू किए गए नए प्रोजेक्ट को लेकर एतराज जताते हुए कई आरोप लगाए हैं। पाकिस्तान के डिप्टी पीएम…
 19 June 2026
न्यूयॉर्क: भारत ने पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में बिगड़ते हालात और प्रदर्शकारियों की हत्या को लेकर संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद(UNHRC) में पाकिस्तान को बखिया उधेड़ी है। पीओके के…
 19 June 2026
तेहरान: अमेरिका और ईरान के बीच समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर होने के बाद ईरान के सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई ने पहली बार बयान दिया है। इस दौरान उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति…
 19 June 2026
पेरिस: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का फ्रांस दौरा खत्म होने पर फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने उन्हें सरप्राइज दिया है। मैक्रों ने पीएम मोदी के लिए हिंदी में खास विदेश संदेश…
 16 June 2026
बीजिंग: "दूर के रिश्तेदार से अच्छा एक करीबी पड़ोसी होता है।" यह कहावत तो आपने सुनी होगी लेकिन इस बार चीन के विदेश मंत्री वांय यी ने इसका इस्तेमाल नेपाल…
Advt.