ट्रंप-शी के कार्यक्रम में 'भिड़े' अमेरिकी सीक्रेट सर्विस एजेंट और चीनी अधिकारी, हथियार ले जाने पर टकराव
Updated on
15-05-2026 01:17 PM
बीजिंग: चीन दौरे पर पहुंचे अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने गुरुवार को यूनेस्को के विश्व धरोहर स्थल में शामिल 'टेंपल ऑफ हेवन' का दौरा किया। इस दौरान चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग उनके साथ थे। ट्रंप का टेंपल ऑफ हेवन का दौरा चीनी सुरक्षा अधिकारियों और अमेरिकी सीक्रेट सर्विस के बीच टकराव की वजह बन गया। चीनी सुरक्षा अधिकारियों ने कथित तौर पर एक अमेरिकी सीक्रेट एजेंट को टेंपल में नहीं जाने दिया, जिससे दोनों पक्षों में तनातनी हो गई।
फॉक्स न्यूज ने टेंपल ऑफ हेवन में मौजूद मीडियाकर्मियों के हवाले से दावा किया है कि चीनी सुरक्षा अधिकारियों ने एक हथियारबंद अमेरिकी सीक्रेट सर्विस एजेंट को ट्रंप के साथ कार्यक्रम में जाने से रोक दिया। चीनी सुरक्षाकर्मियों ने उसे अपना हथियार छोड़ने को कहा, जिस पर वह तैयार नहीं हुआ और बहस की स्थिति पैदा हो गई।
आधे घंटे तक टली एंट्री
रिपोर्ट के अनुसार, ट्रंप और जिनपिंग के बीजिंग के 'टेंपल ऑफ हेवन' विजिट के दौरान दौरान अमेरिकी सीक्रेट सर्विस एजेंट और चीनी सुरक्षा अधिकारियों के बीच टकराव इतना बढ़ा कि पूरा कार्यक्रम लेट हो गया। दोनों पक्षों के तीखे टकराव और बहस के चलते कार्यक्रम स्थल पर एंट्री आधे घंटे तक टली रही।
टेलीग्राफ के एक संवाददाता ने एक्स पर लिखा कि चीन आने के बाद हमने कई तीखे टकराव देखे हैं। इसमें टेंपल ऑफ हेवन में दोनो देशों की सिक्योरिटी के बीच तनाव काफी तीखा था। कई बार चीनियों ने अमेरिकी रिपोर्टरों और कर्मचारियों को अपनी जगह से हटकर ट्रंप के काफिले में जाने से रोकने की कोशिश की।
पहले भी हो चुका टकराव
वाइट हाउस और सीक्रेट सर्विस ने इस मामले पर फिलहाल कोई टिप्पणी नहीं की है। अमेरिकी सीक्रेट सर्विस और चीनी सुरक्षा अधिकारियों के बीच तनाव पहले भी हो चुका है। ट्रंप के 2017 के दौरे के दौरान न्यूक्लियर फुटबॉल (ब्रीफकेस जिसमें राष्ट्रपति के परमाणु हमले के आदेश देने के जरूरी उपकरण होते हैं) को लेकर काफी हंगामा हुआ था।साल 2017 में ब्रीफकेस लेकर चल रहे अमेरिकी सेना के एक अधिकारी ने 'ग्रेट हॉल' में प्रवेश किया तो चीनी सुरक्षा अधिकारियों ने उन्हें अंदर जाने से रोक दिया। इस पर वाइट हाउस चीफ ऑफ स्टाफ जॉन केली ने दखल दिया था। उस वक्त ऐसी खबरें भी आई कि दोनों पक्षों में हाथापाई हुई लेकिन इन दावों को खारिज कर दिया गया।
ट्रंप-शी की कई मुद्दों पर बैठक
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और चीनी प्रेसिडेंट शी जिनपिंग ने ईरान युद्ध और द्विपक्षीय व्यापार समेत कई मुद्दों पर गुरुवार को चर्चा की है। ट्रंप ने इसे अब तक की सबसे बड़ी शिखर बैठक बताया। बीजिंग में ग्रेट हॉल ऑफ द पीपुल में जिनपिंग के साथ वार्ता के दौरान ट्रंप ने कहा कि कुछ लोग कहते हैं कि यह शायद अब तक का सबसे बड़ा शिखर सम्मेलन है।’डोनाल्ड ट्रंप का बीजिंग दौरानौ वर्षों में किसी अमेरिकी राष्ट्रपति की पहली चीन यात्रा है। इससे पहले ट्रंप ने ही अपने पहले कार्यकाल के दौरान 2017 में चीन की यात्रा की थी। बीजिंग में चीनी राष्ट्रपति के साथ उनकी पहली बैठक दो घंटे से अधिक समय तक चली। इस दौरान शी ने इस बात पर जोर दिया कि दोनों देशों को प्रतिद्वंद्वी नहीं बल्कि साझेदार होना चाहिए।
काबुल: अफगानिस्तान की सत्ता पर काबिज तालिबान ने पाकिस्तान के खिलाफ बड़ी सैन्य योजना बनाई है। तालिबान नेता मुल्ला हिबतुल्लाह अखुंदजादा ने पाकिस्तान के साथ लगने वाली सीमा की सुरक्षा…
इस्लामाबाद/ढाका: पाकिस्तान की नौसेना ने संकेत दिए हैं वो 1971 की जंग के बाद पहली बार बंगाल की खाड़ी में अपनी पनडुब्बी भेज सकता है। ये सीधे तौर पर भारत…
इस्लामाबाद: सिंधु जल संधि पर भारत की रोक से तड़प रहे पाकिस्तान ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) के सामने गुहार लगाई है। पाकिस्तान के उप-प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री इशार…
वॉशिंगटन: ईरान डील को लेकर अमेरिका और इजरायल के बीच तनाव अब दोनों देशों के नेताओं की बयानबाजी में भी दिखाई देने लगा है। अब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने…
वॉशिंगटन: पाकिस्तानी विदेश मंत्री ने भारत के सिंधु बेसिन की नदियों पर शुरू किए गए नए प्रोजेक्ट को लेकर एतराज जताते हुए कई आरोप लगाए हैं। पाकिस्तान के डिप्टी पीएम…
न्यूयॉर्क: भारत ने पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में बिगड़ते हालात और प्रदर्शकारियों की हत्या को लेकर संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद(UNHRC) में पाकिस्तान को बखिया उधेड़ी है। पीओके के…
तेहरान: अमेरिका और ईरान के बीच समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर होने के बाद ईरान के सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई ने पहली बार बयान दिया है। इस दौरान उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति…
पेरिस: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का फ्रांस दौरा खत्म होने पर फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने उन्हें सरप्राइज दिया है। मैक्रों ने पीएम मोदी के लिए हिंदी में खास विदेश संदेश…
बीजिंग: "दूर के रिश्तेदार से अच्छा एक करीबी पड़ोसी होता है।" यह कहावत तो आपने सुनी होगी लेकिन इस बार चीन के विदेश मंत्री वांय यी ने इसका इस्तेमाल नेपाल…