अब सेना को कार्बन फ्रैब्रिक और कंपोजिट मैटेरियल की सप्लाई करेगी यह देशी कंपनी
Updated on
12-02-2026 01:06 PM
नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi) ने जबसे ' मेक इन इंडिया ' (Make in India) का नारा दिया है, देशी कंपनियां हर क्षेत्र में दखल जमाने लगी है। एक जमाना था जबकि सेना के लिए एडवांस कार्बन फैब्रिक (Advance Carbon Fabric) और हाई-पर्फोमेंस कंपोजिट मैटेरियल (Composite Matarial) की आपूर्ति विदेशों से होती थी। लेकिन अब भारत में भी इन चीजों का निर्माण होने लगा है। खबर आई है कि रेयॉन बेस्ड कार्बन फैब्रिक बनाने वाली भारतीय कंपनी अग्निवस्त्रा प्राइवेट लिमिटेड (Agneevasthraa Pvt Ltd) ने भारतीय सेना के साथ इन चीजों की सप्लाई का एक ऐतिहासिक समझौता ज्ञापन (एमओयू) किया है।
MOU में क्या है
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार इस समझौते में भारतीय सेना के लिए एडवांस कार्बन और एलाइड मैटैरियल की कस्टम (विशेष रूप से) डिजाइन और मैन्यूफैक्चरिंग शामिल है। इन वस्तुओं की विशेष रूप से इंजीनियरिंग की जाएगी ताकि वे क्रिटिकल अैर हाई-स्टेक डिफेंस एप्लिकेशन में यूज हो सकें।
इसरो और डीआरडीओ की सप्लायर है कंपनी
तमिलनाडु की कंपनी अग्निवस्त्रा की स्थापना 2008 में हुई है और 2012 में यह भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) में कार्बन फैब्रिक की सप्लायर के रूप में अर्हता प्राप्त कर ली। कार्बन फैब्रिक रॉकेट कंपोनेंट का एक महत्वपूर्ण रॉ मैटेररियल होता है। साथ ही इसका मिसाइल, स्पेस शटल और सैटेलाइट में भी उपयोग होता है। स्पेस मिशन के प्रोजेक्ट में भी इसका उपयोग होता है। भारत के महत्वपूर्ण स्पेस लॉन्चिंग प्रोजेक्ट PSLV, GSLV और LVMK3 के लिए इस कंपनी ने कार्बन फैब्रिक की सप्लाई की है। साथ ही यह कंपनी रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) की भी सप्लायर है।
विदेशी मु्द्रा की होगी बचत
सरकार मेक इन इंडिया पर इसलिए जोर देती है कि भारत में बनी चीजें विदेशों से आयातित चीजों के मुकाबले सस्ती होती हैं। साथ ही कोई भी सामान विदेश से मंगाने में यहां से विदेशी मुद्रा का प्रवाह विदेशों में होता है। यदि भारत में इन चीजों का निर्माण किया जाए तो यह सस्ती तो पड़ती ही है, विदेशी मुद्रा का भी प्रवाह थमता है।
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