चुनावी समीकरणों पर क्या कहते हैं दोनों दल
एक मनसे पदाधिकारी का कहना है, 'मनसे बीएमसी चुनाव लड़ना चाहती है, लेकिन
भाजपा और शिंदे गुट के साथ गठबंधन उचित होना चाहिए।' पार्टी के एक अन्य
नेता कहते हैं, 'राज साहेब भाजपा के सामने सरेंडर नहीं करेंगे। यह उनकी
शर्तों पर होगा।' वहीं, भाजपा रणनीतिकार ने कहा, 'कुल 227 सीटों में भाजपा
मनसे को 25-30 सीट की पेशकश कर सकती है, क्योंकि उसे शिंदे गुट को भी जगह
देनी है।'
MNS को भी हो सकता है फायदा
साल 2017 के बीएमसी चुनाव में भाजपा के खाते में 82 सीटें आई थी। जबकि, यह
आंकड़ा शिवसेना के मामले में 84 पर था। उस दौरान मनसे ने 7 सीटें जीती थीं।
हालांकि, दो साल बाद ही हुए विधानसभा चुनाव में मनसे केवल एक ही सीट जीत
सकी थी। ऐसे में राज्य की सियासत में एक बार फिर पैर जमाने के लिए यह मनसे
के सामने मौका हो सकता है।