Select Date:

दुनिया में ध्रुवीकरण दोगुनी तेजी से बढ़ रहा, लोकतांत्रिक देशों में रहने वाले आधे लोगों को चाहिए शक्तिशाली नेता

Updated on 27-12-2022 06:03 PM

ईरान में हिजाब के विरोध को दबाने की कोशिश, लॉकडाउन के खिलाफ चीन में सड़कों पर उतरे लोगों का दमन, अमेरिका में ट्रम्प के कारनामे, हंगरी और ब्राजील के चुनाव में सत्ताधारियों के पद न छोड़ने की जिद। इस साल आधी दुनिया में लोकतंत्र खतरे में नजर आया, लेकिन इसकी सबसे बड़ी मिसाल यूक्रेन बना, जो रूस के हमले से तबाह हो गया। अभी जंग जारी है।

इसे दुनिया लोकतंत्र बनाम अधिनायकवाद के तौर पर देख रही है। टाइम को दिए इंटरव्यू में यूक्रेन के प्रेसिडेंट वोल्दोमीर जेलेंस्की ने यह कहते हुए दुनिया को चेताया कि ‘अगर वे हमें खत्म कर देंगे तो तुम्हारे आकाश का चमकता लोकतंत्र भी धुंधला जाएगा।’

रिपोर्ट का दावा भारत में लोकतंत्र कमजोर हुआ
स्टॉकहोम स्थित इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ डेमोक्रेसी एंड एलेक्टोरल असिस्टेंस (इंटरनेशनल आईडीईए) की वार्षिक रिपोर्ट कहती है- इस साल दुनिया के बड़े और प्रभावशाली लोकतंत्र जैसे भारत, अमेरिका, ब्राजील जैसे देशों में ऐसी घटनाएं हुईं, जिनकी गुंजाइश लोकतंत्र में नहीं होती है। कोस्टा रिका के पूर्व राजनेता और इंटरनेशनल आईडीईए के वर्तमान महासचिव केविन कैसास जमोरा कहते हैं- 104 देशों के राजनीतिक हालातों का अध्ययन करने के बाद तैयार रिपोर्ट के अनुसार, लोकतांत्रिक देशों में रहने वाले लोगों के मूल्यों, उनके सोचने-समझने के तरीके में बदलाव आया है। इन देशों में रहने वाले लोग अब एक ताकतवर नेता चाहते हैं। उन्हें लगता है कि मजबूत नेता तरक्की और अस्मिता दोनों के लिए बेहतर है। जहां 2009 में सिर्फ 38% लोग ज्यादा ताकतवर नेता की चाहत रखते थे।

लोगों को चाहिए ताकतवर नेता
अब दुनिया के 77 लोकतांत्रिक देशों में आधे से ज्यादा यानी 52% लोग चाहते हैं कि उनके देश की बागडोर एक ताकतवर नेता के हाथ में हो। रिपोर्ट के अनुसार, एक दशक पहले लोकतांत्रिक ह्रास 12% था, लेकिन अब यह 50% हो गया है। इन देशों में अमेरिका, ब्राजील, फ्रांस, भारत और ब्रिटेन शामिल हैं। अफगानिस्तान और बेलारूस जैसे गैरलोकतांत्रिक देशों में तो सत्ता और ज्यादा दमनकारी हो गई है। रिपोर्ट के अनुसार, लोकतंत्र की सबसे ज्यादा चाहत रखने वाले अमेरिका-ब्रिटेन जैसे देशों के लोग इस वक्त खाने की कमी, महंगाई, बिजली की बढ़ती कीमतों और मंदी की मार झेल रहे हैं। लोग लोकतांत्रिक देशों में आई कई परेशानियों के लिए सत्ता को ही जिम्मेदार समझते हैं।

दुनिया में असमानता तेजी से बढ़ रही, चुनाव में भरोसा घटना बन रही वजह
दुनिया के तमाम देशों में लोकतंत्र के कमजोर होने की वजहें लगभग एक जैसी हैं। इन देशों में राजनीतिक ध्रुवीकरण हुआ। इससे लोकतांत्रिक संस्थाओं में लोगों का भरोसा कम हुआ। चुनाव में धांधली हुई, जहां ऐसा नहीं हुआ, वहां भी लोगों के मन में यह विश्वास नहीं है कि चुनाव पूरी ईमानदारी से कराए गए हैं। नागरिकों की समानता की बात करने वाले लोकतंत्र में असमानता तेजी से बढ़ी है। इसकी वजह से लोगों में लोकतंत्र से मोहभंग जैसा दिख रहा है।


अन्य महत्वपुर्ण खबरें

 23 June 2026
ढाका: बांग्लादेश अपनी वायु सेना के लिए चीनी फाइटर जेट खरीदने की तैयारी कर रहा है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, बांग्लादेश और चीन के बीच 24 चीनी J-10CE मल्टी रोल…
 23 June 2026
कोलंबो/वॉशिंगटन: अमेरिका भारत के एक और पड़ोसी देश श्रीलंका को सैटेलाइट सर्विलांस सिस्टम देगा। अमेरिका ने श्रीलंका की समुद्री सुरक्षा क्षमताओं को बढ़ाने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है।…
 23 June 2026
वॉशिंगटन: अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस बीते रविवार को ईरान के साथ बातचीत के लिए स्विटजरलैंड पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने बातचीत में मध्यस्थता कर रहे पाकिस्तान के लिए खुलकर अपना…
 23 June 2026
इस्लामाबाद: पाकिस्तान के आर्मी चीफ जनरल असीम मुनीर ने पिछले साल पहलगाम आतंकी हमले से कुछ दिन पहले एक भाषण दिया था, जिसमें उन्होंने दो कौमी नजरिए की बात की…
 23 June 2026
ढाका: बांग्लादेश की सबसे बड़ी इस्लामिक राजनीतिक पार्टी जमात-ए-इस्लामी अपना प्रभाव बढ़ाने के लिए एक खतरनाक चाल चल रही है। वह इसके लिए भारत विरोधी एजेंडा फैलाने में लगी है,…
 22 June 2026
लंदन, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने दावा किया है कि ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर इस्तीफा देंगे। ट्रम्प ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि स्टार्मर इमिग्रेशन और ऊर्जा जैसे दो…
 22 June 2026
इजरायल को युद्ध और संघर्षो के बीच जीने की आदत है। उसके गठन के बाद से शायद ही कोई ऐसा दौर आया हो, जब वह किसी युद्ध, सैन्य अभियान या…
 22 June 2026
बर्गेनस्टॉक: अमेरिका के साथ हो रही बातचीत ईरान के लिए जमकर फायदेमंद साबित हो रही है। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने इसका खुलासा किया है। अराघची ने बताया…
 22 June 2026
बीजिंग: बांग्लादेश के प्रधानमंत्री तारिक रहमान फरवरी में पदभार संभालने के बाद अपनी पहली विदेश यात्रा पर रवाना होने वाले हैं। इस बार वे पुरानी पंरपराओं को तोड़ते हुए अपनी…
Advt.