2013 में हो गया था निधन
13 जनवरी 2013 को 64 वर्ष की आयु में किडनी फेलियर के कारण उनका निधन हो गया। उस समय वे केंगेरी स्थित बीजीएस ग्लोबल अस्पताल में इलाज करा रहे थे। उनके निधन से लाखों अनुयायियों को गहरा दुख हुआ, लेकिन उनकी शिक्षाएं और कार्य आज भी जीवित हैं।बालगंगाधरनाथ स्वामीजी के विचारों को हमेशा जीवित रखने के लिए ये मंदिर बनाया गया है। इस मंदिर का निर्माण पारंपरिक द्रविड़ शैली में किया गया है, जो दक्षिण भारत के प्राचीन मंदिरों की पहचान मानी जाती है। भव्य नक्काशी, ऊंचे गोपुरम और शानदार संरचना इसे एक अलग ही पहचान देते हैं। यह मंदिर सिर्फ देखने में सुंदर नहीं, बल्कि हमारी सांस्कृतिक विरासत को भी दर्शाता है।
