सवाल- सबसे पहले जानकारी कैसे मिली?
मैं
प्रैक्टिस के बाद होटल जा रहा था। रास्ते में एक दोस्त ने फोन पर जानकारी
दी। पहले तो भरोसा नहीं हुआ। मैंने उससे पूछा भी कि क्या सच में सिलेक्शन
हो गया है। उसने भरोसा दिलाया। फिर मैंने खुद टीम लिस्ट देखी। उसके बाद
मम्मी-पापा और कोच को बताया। फिर तो फोन आना बंद ही नहीं हुए।
सवाल- रीवा से दूसरे...8 साल पहले ईश्वर भी चुने गए थे। ये सफर कैसा रहा?
मेरे
लिए बहुत बड़ी बात है कि जिन्हें (ईश्वर पांडे) इंस्पिरेशन माना, अब उनके
साथ मेरा नाम जुड़ रहा है। ईश्वर पांडे मेरे काफी क्लोज और बड़े भाई जैसे
हैं। मुश्किल वक्त में उन्होंने मेरी काफी मदद की। उनके बाद जब टीम में
मेरा नाम आया तो फख्र महसूस करता हूं।
मैंने भी अपनी तरफ से पूरी कोशिश की। ऐसी जगह जहां क्रिकेट का ज्यादा स्कोप न हो, वहां से इस मुकाम तक पहुंचना...ये बड़ी बात है। मेरे लिए इंडिया तक का सफर अच्छा, लेकिन मुश्किल रहा। बहुत अप एंड डाउन देखे। इसलिए यह सिलेक्शन कॉल बहुत स्पेशल है।