तीन महीने में 1.86 लाख रिटेल इनवेस्टर्स ने छोड़ा रिलायंस का साथ, टाटा स्टील से भी हुआ मोह भंग
Updated on
17-02-2026 12:37 PM
नई दिल्ली: दिसंबर तिमाही में रिटेल निवेशकों की हिस्सेदारी में भारी बदलाव देखने को मिला है। इस दौरान कई जानी-मानी कंपनियों में रिटेल निवेशकों ने अपनी हिस्सेदारी बेच दी है। इनमें बीएसई, रिलायंस इंडस्ट्रीज और टाटा स्टील भी शामिल है। यहां हम आपको 10 ऐसी कंपनियों के बारे में बता रहा हैं जिनमें रिटेल होल्डिंग में सबसे ज्यादा गिरावट आई है। इस लिस्ट में बीएसई लिमिटेड सबसे ऊपर है। दिसंबर तिमाही यानी 30 सितंबर से 31 दिसंबर के बीच कंपनी के रिटेल शेयरहोल्डर्स की संख्या 12.57 लाख से घटकर 10.24 रह गई। यानी 2.33 लाख रिटेल इनवेस्टर्स ने कंपनी से किनारा कर लिया।
इस लिस्ट में देश की सबसे वैल्यूएबल कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज दूसरे नंबर पर है। मुकेश अंबानी की कंपनी में रिटेल शेयरहोल्डर्स की संख्या दिसंबर तिमाही के दौरान 42.34 लाख से घटकर 40.47 लाख रह गई। इस तरह 1.86 लाख रिटेल इनवेस्टर्स ने रिलायंस के शेयर बेच दिए। सरकारी कंपनी एनटीपीसी के रिटेल इनवेस्टर्स की संख्या इस दौरान 36.31 लाख से घटकर 34.50 लाख रह गई। यानी कंपनी से 1.81 लाख रिटेल इनवेस्टर्स बाहर हो गए। आईडीएफसी फर्स्ट बैंक में रिटेल इनवेस्टर्स की संख्या 29.67 लाख से घटकर 27.93 लाख रह गई। यानी इस संख्या में 1.74 लाख गिरावट आई।
टाटा स्टील का हाल
एक और सरकारी कंपनी भारत हेवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड से भी रिटेल निवेशकों का मोह भंग हुआ है। दिसंबर तिमाही में इसके रिटेल शेयरहोल्डर्स की संख्या 19.24 लाख से 1.69 लाख कम होकर 17.55 लाख रह गई। टाटा पावर के रिटेल शेयरहोल्डर्स की संख्या में 1.58 लाख की गिरावट आई है। सितंबर तिमाही में यह संख्या 43.36 लाख थी जो दिसंबर तिमाही में घटकर 41.78 लाख रह गई। इंडियन ऑयल के रिटेल शेयरहोल्डर्स की संख्या 29.20 लाख से कम होकर 27.62 लाख रह गए। इस तरह इस संख्या में तीन महीने में 1.58 लाख की गिरावट आई।इस दौरानयस बैंकके रिटेल शेयरहोल्डर्स की संख्या में 1.52 लाख की गिरावट आई। सितंबर तिमाही के अंत में बैंक के रिटेल शेयरहोल्डर्स की संख्या 61.65 लाख थी जो दिसंबर के अंत में 60.14 लाख रह गई। इंडियन रेलवे फाइनेंस कॉरपोरेशन के रिटेल इनवेस्टर्स की संख्या में पिछली तिमाही में 1.48 लाख की गिरावट आई। 30 सितंबर, 2025 को कंपनी के रिटेल निवेशकों की संख्या 52.71 लाख थी जो 31 दिसंबर, 2025 को 51.23 लाख रह गई।
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