इस साल 2 लाख का आंकड़ा भी नहीं छू पाएगा सोना, दिग्गज बैंक की रिपोर्ट में खुलासा
Updated on
28-05-2026 12:01 PM
नई दिल्ली: घरेलू बाजार में सोने की आसमान छूती कीमतों के बीच ICICI बैंक की ग्लोबल मार्केट्स रिपोर्ट ने एक नया और चौंकाने वाला अनुमान जारी किया है। रिपोर्ट के मुताबिक इस साल यानी 2026 में सोने का भाव 2 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम तक नहीं पहुंच पाएगा। वहीं साल की शुरुआत में यानी जनवरी में सोना करीब 1.90 लाख के करीब पहुंच गया था। हालांकि बाद में इसमें गिरावट आई। अभी सोने का भाव प्रति 10 ग्राम करीब 1.57 लाख रुपये है।
आईसीआईसीआई बैंक की रिपोर्ट में बताया गया है कि साल 2026 के बचे हुए महीनों में भारतीय घरेलू बाजार में सोने की कीमत 1,50,000 से 1,80,000 रुपये प्रति 10 ग्राम के बीच रहने की उम्मीद है। वहीं, साल 2027 में यह तेजी और आगे बढ़ते हुए 1,60,000 से 1,90,000 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर को छू सकती है। एक्सपर्ट का कहना है कि वैश्विक स्तर पर सोने की बढ़ती कीमतों और अमेरिकी डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपये में लगातार आ रही कमजोरी की वजह से यह बड़ा उछाल देखने को मिल रहा है।
इस साल 20% की तेजी
साल 2026 में अब तक घरेलू सोने की कीमतों में लगभग 20 प्रतिशत की भारी तेजी दर्ज की जा चुकी है। इस रिकॉर्ड बढ़त के पीछे तीन मुख्य कारक काम कर रहे हैं:
इस साल अब तक अमेरिकी डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपया करीब 7% टूट चुका है।
भारत सरकार ने 13 मई 2026 से सोने पर आयात शुल्क को 6% से बढ़ाकर सीधे 15% कर दिया है। बाजार अभी भी इस बढ़ोतरी को पूरी तरह पचाने में लगा है, जिससे आने वाले दिनों में कीमतें 2 से 3% और बढ़ सकती हैं।
वैश्विक स्तर पर सोने की मजबूत कीमतों का सीधा असर भारतीय बाजारों पर पड़ रहा है।
किस आधार पर तय हुआ यह अनुमान?
आईसीआईसीआई बैंक की रिपोर्ट के अनुसार साल 2026 के लिए यह अनुमान इस बात पर आधारित है कि डॉलर के मुकाबले रुपया औसतन 96 के स्तर पर रहेगा। वहीं अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की औसत कीमत 4,700 डॉलर प्रति औंस होगी। साल 2027 के अनुमान के लिए रुपये का औसत स्तर 96.50 माना गया है।
पश्चिम एशिया संकट का दिखा असर
साल 2025 में 65% की जबरदस्त तेजी के बाद साल 2026 में अब तक वैश्विक बाजार में सोना करीब 5% मजबूत हुआ है। हालांकि, 28 फरवरी 2026 को पश्चिम एशिया में संघर्ष शुरू होने के बाद वैश्विक कीमतों में करीब 15% की गिरावट देखी गई है।
क्या और गिर सकता है सोना?
रिपोर्ट ने चेतावनी भी दी है कि अगर अमेरिकी फेडरल रिजर्व अपनी मौद्रिक नीतियों को सख्त करता है या ब्याज दरें बढ़ाता है, तो वैश्विक बाजार में सोने की तेजी धीमी पड़ सकती है। ऐसी स्थिति में साल 2027 तक सोने की कीमतों का ग्राफ अनुमान से थोड़ा नीचे या सपाट रह सकता है।
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