रायपुर के भाजपा प्रदेश कार्यालय कुशाभाऊ ठाकरे परिसर में भारतीय जनता पार्टी के मछुआरा प्रकोष्ठ की बैठक हुई। इस प्रदेश कार्यसमिति की बैठक में पूर्व मंत्री और विधायक बृजमोहन अग्रवाल ने हिस्सा लिया। बृजमोहन अग्रवाल ने बैठक में कहा- मछुआरा समाज के लोग अपने अधिकारों के प्रति जागरूक हैं। जिस प्रकार भगवान राम के तीर से समुद्र भी उनसे डर गया था, सूख गया था, वैसे ही हमारे मछुआरा समाज के तीर से कांग्रेस सुख जाएगी।
दरअसल भाजपा अब पूरी तरह से चुनावी मूड में है। हर वर्ग को साधने की कोशिश है। इसी कड़ी में ये बैठक हुई। प्रदेशभर से आए मछुआरों के अधिकारों, उनके आय के साधनों और प्रशासन की ओर से बनाई गई राष्ट्रीय और राज्य की नीतियों पर भी बात की गई। बृजमोहन ने यहां कहा- जब प्रदेश में भाजपा की सरकार थी। तब 18 सितंबर 2007 को आदेश पारित किया गया। 200 हेक्टेयर एवं 1000 हेक्टेयर तथा 5000 हेक्टेयर के ऊपर के जलाशय पंजीकृत मछुआ सहकारी समिति समूहों को पट्टे पर दिया जाएगा तथा 1000 से 5000 हेक्टेयर के जलाशय छत्तीसगढ़ राज्य मत्स्य महासंघ को रॉयल्टी आधार पर प्रदान किया जाएगा। ताकि मछली पालन बेहतर हो, आमदनी बढ़े।
बैठक में भाजपा नेताओं ने कांग्रेस पर आरोप लगाते हुए कहा कि अब जो मछली नीति लाई गई है, वह छत्तीसगढ़ के गरीब मछुआरों के हितों को ना ही पंजीकृत मछुआरों व ना ही सहकारी समिति से जुड़े कृषकों के हितों को संरक्षित करता है। पंचायत व्यवस्था अंतर्गत तालाब / जलाशय को मछली पालन हेतु पट्टे पर देने / खुली निविदा आमंत्रित कर 10 वर्ष के लिए आबंटित करने का अधिकार दिया है। इससे बड़े तालाबों व जलाशयों व बैराजों पर पूंजीपतियों का प्रभुत्व स्थापित हो जायेगा व छोटे मछुआरे बेरोजगार होकर मजदूरी करने पर विवश हो जायेंगे।
मछुआरों के साथ आंदोलन की तैयारी
बृजमोहन
ने बैठक में कहा कि मछुआरा समाज धरने प्रदर्शन कर रहा है। नीतियों में
सुधार की मांग के साथ राजभवन में राज्यपाल को ज्ञापन सौंपने की तैयारी कर
चुका है। मैं मछुआरा समाज को यह आश्वासन देता हूं कि जब भी राजधानी में वह
इस प्रदर्शन को लेकर आएंगे मैं उनका इस प्रदर्शन में पूरा सहयोग व समर्थन
करूंगा।