6 साल में सबसे बड़ी गिरावट के बाद फिर उछला कच्चा तेल, होर्मुज स्ट्रेट पर अमेरिका और ईरान में बढ़ी तकरार
Updated on
09-04-2026 01:43 PM
नई दिल्ली: पश्चिम एशिया में सीजफायर से बुधवार को कच्चे तेल की कीमत में भारी गिरावट आई थी। लेकिन इसमें तेजी दिख रही है। इसकी वजह यह है कि पश्चिम एशिया से तेल की सप्लाई को लेकर अब भी चिंताएं बनी हुई हैं। ईरान का कहना है कि वह होर्मुज स्टेट से रोजाना केवल 12 जहाजों को गुजरने देगा और उनसे टोल वसूलेगा। हालांकि अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया था कि होर्मुज स्ट्रेट को पूरी तरह खोल दिया जाएगा। अमेरिका इसे पूरी तरह खोलने और टोल फ्री बनाने की बात कर रहा है जबकि ईरान इस पर अपनी पकड़ ढीली नहीं करना चाहता है। इसी कारण आज फिर तेल की कीमत में तेजी आई है।
ब्रेंट क्रूड 2.86 फीसदी की तेजी के साथ 97.46 डॉलर प्रति बैरल पर ट्रेड कर रहा है। अमेरिकन बेंचमार्क डब्ल्यूटीआई क्रूड भी 3.56 फीसदी तेजी के साथ 97.77 डॉलर पर पहुंच गया। दोनों बेंचमार्क की कीमत पिछले सत्र में 100 डॉलर प्रति बैरल के नीचे आ गई थी। डब्ल्यूटीआई में तो अप्रैल 2020 के बाद सबसे बड़ी गिरावट देखने को मिली थी। सीजफायर के कारण होर्मुज स्ट्रेट में जहाजों की आवाजाही बहाल होने की उम्मीद जगी थी।
सबसे बड़ा तेल संकट
लेकिन होर्मुज स्ट्रेट से बुधवार को केवल 4 जहाज गुजरे। इससे निवेशकों की हताशा बढ़ गई है और कच्चा तेल एक फिर उछलने लगा है। होर्मुज स्ट्रेट की ग्लोबल ऑयल सप्लाई में करीब 20 फीसदी हिस्सेदारी है। यही वजह है कि इसे अब तक का सबसे बड़ा तेल संकट माना जा रहा है। इराक, सऊदी अरब, कुवैत और कतर जैसे देश इसी रास्ते अपना तेल भेजते हैं। इसके बंद होने के कारण कच्चे तेल की कीमत 120 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई थी जो 2022 के बाद इसका उच्चतम स्तर था।
तेल का खेल
एक दिन की गिरावट के बाद कच्चे तेल में फिर उबाल
ब्रेंट क्रूड करीब 3% उछला, कल आई थी भारी गिरावट
होर्मुज की खाड़ी से जहाजों के गुजरने पर अब भी संदेह
अमेरिका और ईरान के इस पर अपने-अपने दावे हैं
अब भी जोखिम
ईरान और अमेरिका ने करीब 40 दिन की लड़ाई के बाद बुधवार को सीजफायर की घोषणा की थी। लेकिन इस पर सवाल उठने लगे हैं क्योंकि इजरायल ने लेबनॉन पर बुधवार को भी हमले जारी रखे। शिपिंग कंपनियों का कहना है कि होर्मुज स्ट्रेट से जहाजों की आवाजाही बहाल करने से पहले वे सीजफायर के बारे में ज्यादा स्पष्टीकरण चाहते हैं। स्टैंडर्ड चार्टर्ड के एनालिस्ट्स ने एक नोट में कहा कि होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने में अब भी जोखिम है।
मुंबई: भारत के विदेशी मुद्रा भंडार (Forex Reserve) में इस बार तगड़ी वाली गिरावट देखी गई है। एक ही सप्ताह के दौरान विदेशी मुद्रा भंडार से करीब 10 अरब डॉलर…
नई दिल्ली: साफ-सुथरी ऊर्जा की ओर दुनिया का झुकाव अब एक ज्यादा मुश्किल और अनिश्चित दौर में पहुंच रहा है। जियोपॉलिटिकल टेंशन, सप्लाई चेन में रुकावटें और एनर्जी सिक्योरिटी की…
नई दिल्ली: स्मार्टफोन और पैसेंजर वीकल्स की लगातार बढ़ती कीमतों के कारण बड़ी संख्या में भारतीय कंस्यूमर्स अब रीफर्बिश्ड और सेकंड हैंड सामानों की ओर रुख कर रहे हैं। मोबाइल…
नई दिल्ली: एंप्लॉयीज प्रॉविडेंट फंड ऑर्गनाइजेशन (EPFO) के 7 करोड़ से अधिक सदस्य UPI और ATM के जरिए अपने पीएफ अकाउंट से फंड निकाल सकेंगे। सरकारी सूत्रों ने गुरुवार को…
नई दिल्ली: नेचुरल गैस (एलएनजी) एक्सपोर्ट में अमेरिका ने अपनी पकड़ मजबूत की है। पश्चिम एशिया के बीच संकट के दौर में उसे ऐसा करने का मौका मिला। ग्लोबल मार्केट…
नई दिल्ली: कोरोना महामारी के बाद भारत व्हिस्की की बिक्री में आई उछाल अब धीमी पड़ती दिख रही है। देश में विदेशी व्हिस्की की बिक्री की ग्रोथ 2025 में लगातार…
नई दिल्ली: हाल में विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों ने भारतीय बाजार से काफी पैसा निकाला है। इससे रुपये पर दबाव बढ़ा है और उसमें गिरावट आई है। इस बीच आरबीआई ने…