कार्ल्सबर्ग बियर बनाने वाली कंपनी का आने वाला है आईपीओ? सुनिए इसके सीईओ क्या बता रहे हैं
Updated on
17-02-2026 12:36 PM
मुंबई: बियर बनाने वाली डेनिश (Danish) कंपनी कार्ल्सबर्ग (Carlsberg) अपनी भारतीय इकाई को शेयर बाजार में लिस्ट कराने को सोच रही है। मतलब कि कंपनी कारोबार के लिए इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग (IPO) लाने की सोच रही है। कंपनी के सीईओ जैकब आरूप-एंडरसन (Jacob Aarup-Andersen) ने इस बात की पुष्टि की है।
सीईओ का क्या कहना है
हमारे सहयोगी ईटी के मुताबिक कार्ल्सबर्ग के सीईओ ने इन्वेस्टर्स कॉल के दौरान यह कहा है। उन्होंने कहा है कि कंपनी भारत में IPO लाने की संभावना तलाश रहे हैं। हालांकि, उन्होंने यह भी साफ किया कि अभी कोई अंतिम फैसला नहीं लिया गया है। सीईओ ने बताया कि कंपनी यह देख रही है कि क्या IPO लाने से शेयरधारकों को फायदा होगा। उन्होंने जोर देकर कहा कि यह सिर्फ एक शुरुआती चर्चा है। अगर वे IPO लाने का फैसला करते हैं, तो वे और जानकारी देंगे। फिलहाल, वे बस इतना ही बता सकते हैं।
क्यों महत्वपूर्ण है आईपीओ
यह IPO प्लान इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि कार्ल्सबर्ग भारत को अपने सबसे तेजी से बढ़ते बाजारों में से एक मानती है। भारत में बियर इंडस्ट्री में कॉम्पिटिशन बढ़ रहा है और हर कोई बड़ा हिस्सा चाहता है। ऐसे में, कार्ल्सबर्ग अपने इस कारोबार से वैल्यू निकालना चाहती है। कंपनी ने बताया कि 2025 में भारत में उनके बियर की बिक्री में हाई-सिंगल-डिजिट वॉल्यूम ग्रोथ हुई है। चौथे क्वार्टर में उनका प्रदर्शन काफी अच्छा रहा। कंपनी ने ज्यादातर राज्यों में अपना मार्केट शेयर बढ़ाया है। इसकी वजह प्रीमियम बियर की मजबूत मांग है।
2007 में भारत आई थी कंपनी
डेनिश कार्ल्सबर्ग साल 2007 में नेपाल की खेतान ग्रुप के साथ मिलकर भारत आई थी। पिछले कुछ सालों से उनका अपने पार्टनर के साथ बिजनेस को लेकर विवाद चल रहा था। करीब दो साल पहले, डेनिश कंपनी ने खेतान का हिस्सा खरीद लिया और अब वह भारत में 100% हिस्से का मालिक है। तब से कंपनी ने भारत में अपने निवेश को बढ़ाने की बात कही थी, जिसमें कैपिटल एक्सपेंडिचर (पूंजीगत व्यय) और सेल्स व मार्केटिंग दोनों शामिल हैं। हाल के आंकड़ों को देखें तो वित्त वर्ष 2023-24 में कार्ल्सबर्ग इंडिया के नेट प्रॉफिट में 61% की बढ़ोतरी हुई और यह 323 करोड़ रुपये रहा। वहीं, सेल्स में 15% की ग्रोथ के साथ यह 8,045 करोड़ रुपये रही।
कौन है इसकी प्रतिद्वंद्वी
भारत में कार्ल्सबर्ग की प्रतिद्वंद्वी यूनाइटेड ब्रुअरीज (UB) है। उसकी सेल्स कार्ल्सबर्ग से दोगुनी है, लेकिन उसका नेट प्रॉफिट कार्ल्सबर्ग से सिर्फ 25% ज्यादा है। UB भारत के चुनिंदा बाजारों में मेनस्ट्रीम और प्रीमियम ब्रांड्स पर फोकस करती है। कार्ल्सबर्ग की भारत में कुल बियर बिक्री का लगभग 5% हिस्सा है। यह छह मिलियन हेक्टोलीटर (एक हेक्टोलीटर 100 लीटर के बराबर होता है) है। UB, जो डच कंपनी हेनेकेन (Heineken) के मालिकाना हक में है, उसका मार्केट कैप 42,500 करोड़ रुपये है। वहीं, कार्ल्सबर्ग अपने भारतीय कारोबार का वैल्यूएशन लगभग 30,000-35,000 करोड़ रुपये के आसपास मान रही है।
मुंबई: भारत के विदेशी मुद्रा भंडार (Forex Reserve) में इस बार तगड़ी वाली गिरावट देखी गई है। एक ही सप्ताह के दौरान विदेशी मुद्रा भंडार से करीब 10 अरब डॉलर…
नई दिल्ली: साफ-सुथरी ऊर्जा की ओर दुनिया का झुकाव अब एक ज्यादा मुश्किल और अनिश्चित दौर में पहुंच रहा है। जियोपॉलिटिकल टेंशन, सप्लाई चेन में रुकावटें और एनर्जी सिक्योरिटी की…
नई दिल्ली: स्मार्टफोन और पैसेंजर वीकल्स की लगातार बढ़ती कीमतों के कारण बड़ी संख्या में भारतीय कंस्यूमर्स अब रीफर्बिश्ड और सेकंड हैंड सामानों की ओर रुख कर रहे हैं। मोबाइल…
नई दिल्ली: एंप्लॉयीज प्रॉविडेंट फंड ऑर्गनाइजेशन (EPFO) के 7 करोड़ से अधिक सदस्य UPI और ATM के जरिए अपने पीएफ अकाउंट से फंड निकाल सकेंगे। सरकारी सूत्रों ने गुरुवार को…
नई दिल्ली: नेचुरल गैस (एलएनजी) एक्सपोर्ट में अमेरिका ने अपनी पकड़ मजबूत की है। पश्चिम एशिया के बीच संकट के दौर में उसे ऐसा करने का मौका मिला। ग्लोबल मार्केट…
नई दिल्ली: कोरोना महामारी के बाद भारत व्हिस्की की बिक्री में आई उछाल अब धीमी पड़ती दिख रही है। देश में विदेशी व्हिस्की की बिक्री की ग्रोथ 2025 में लगातार…
नई दिल्ली: हाल में विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों ने भारतीय बाजार से काफी पैसा निकाला है। इससे रुपये पर दबाव बढ़ा है और उसमें गिरावट आई है। इस बीच आरबीआई ने…