रिटेल कारोबार में मुकेश अंबानी के रिलायंस इंडस्ट्रीज और गौतम अडानी समूह के बीच वर्चस्व की लड़ाई शुरू हो चुकी है। गौतम अडानी समूह की अडानी विल्मर आने वाले महीनों में कई अधिग्रहण की योजना बनाई है तो वहीं रिलायंस रिटेल ने कारोबार विस्तार के लिए उधारी सीमा को बढ़ा दी है।
1 लाख करोड़ की उधारी:
रिलायंस रिटेल ने अपनी उधार सीमा को बढ़ाने के लिए शेयरधारकों से मंजूरी मांगी है। कंपनी उधार सीमा को 50,000 करोड़ रुपये से बढ़ाकर एक लाख करोड़ रुपये करना चाहती है। 31 मार्च, 2022 तक कंपनी की उधारी 40,000 करोड़ रुपये थी। अब शेयरधारकों से मंजूरी के बाद कंपनी कर्ज के तौर पर 60,000 करोड़ रुपये तक जुटा सकेगी।