इस बार आज जारी हो रही 12वीं किस्त या अगस्त-नवंबर 2022 की किस्त की रकम घटकर ₹16000 रुपये रह गई है। यानी 5000 करोड़ रुपये कम। इस हिसाब से आज 2.50 करोड़ किसानों को आज किस्त नहीं मिलेगी। बता दें पीएम किसान पोर्टल पर 12 करोड़ से अधिक किसान रजिस्टर्ड हैं।
पीएम किसान योजना के निर्धारित प्रावधानों के अनुसार प्रत्येक वर्ष अनिवार्य रूप से 5% लाभार्थियों का भौतिक सत्यापन किया जाता है। कृषि मंत्री नरेंद्र तोमर ने ट्विट किया है, पीएम-किसान योजना के तहत वित्तीय लाभ वेब-पोर्टल http://pmkisan.gov.in पर राज्य / संघ राज्य क्षेत्रों द्वारा अपलोड किए गए लाभार्थियों के 100% त्रुटि-मुक्त डेटा के आधार पर स्थानांतरित किया जाता है।"
पिछली किस्त 31 जुलाई तक किसानों के खातों में जाती रही। कुल
11,26,30,643 किसान पिछली किस्त पा चुके हैं। इस बार तो ढाई करोड़ पहले ही
कम हो गए और फर्जीवाड़ा रोकने के लिए केंद्र और राज्य सरकारें ऐसी ही सख्ती
बरतीं तो 30 नवंबर 2022 तक किस्त पाने वालों की संख्या 10 करोड़ पहुंच जाए
तो बड़ी बात होगी।
इन्हें नहीं मिलेगी किस्त
अगर कोई खेती की जमीन का मालिक है, लेकिन वह सरकारी कर्मचारी है या रिटायर
हो चुका हो, मौजूदा या पूर्व सांसद, विधायक, मंत्री उन्हें पीएम किसान
योजना का लाभ नहीं मिल सकता।
अक्सर ये प्रश्न उठता है कि क्या पति-पत्नि दोनों पीएम किसान
सम्मान निधि योजना का लाभ उठा सकते हैं? तो इसका उत्तर है नहीं। अगर कोई
ऐसा करता है तो उससे सरकार रिकवरी करेगी। यदि कोई किसान खेती कर रहा है,
लेकिन खेत उसके नाम नहीं है तो उसे इस योजना का लाभ नहीं मिलेगा। अगर खेत
उसके पिता या दादा के नाम है तब भी वे इस योजना का फायदा नहीं उठा सकते।
इसके अलावा अगर किसान परिवार में कोई टैक्स देता है तो इस योजना का लाभ
उसे नहीं मिलेगा। यानी पति या पत्नी में से कोई पिछले साल इनकम टैक्स भरा
है तो उसे इस योजाना का लाभ नहीं मिलेगा।
अपात्रों की लिस्ट में प्रोफेशनल रजिस्टर्ड डॉक्टर, इंजिनियर, वकील, चार्टर्ड अकाउंटेंट या इनके परिवार के लोग भी आते हैं।
किसान होते हुए भी यादि आपको 10000 रुपये महीने से अधिक पेंशन
मिलती है, आप इस योजना के लाभार्थी नहीं हो सकते। इनकम टैक्स चुकाने वाले
परिवारों को भी इस योजना का फायदा नहीं मिलेगा।
जो लोग खेती की जमीन का इस्तेमाल कृषि कार्य की जगह दूसरे कामों में कर रहे
हैं या दूसरों के खेतों पर किसानी का काम तो करते हैं, लेकिन खेत के मालिक
नहीं हैं। ऐसे किसान भी इस योजना का लाभ नहीं उठा सकते।